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गुजरात: एक के बाद एक हाई कोर्ट के तीन जजों ने विस्‍मय शाह की जमानत याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

अहमदाबाद

वर्ष 2013 में हुए गुजरात के चर्चित बीएमडब्‍ल्‍यू हिट एंड रन केस में पांच साल जेल की सजा पाया विस्‍मय शाह अब हुक्‍का पार्टी करने के मामले में बुरी तरह फंस गया है। हाई कोर्ट के एक और जज जस्टिस बी. मायाणी ने भी उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इससे पहले मंगलवार को जस्टिस एपी ठाकुर और सोमवार को जस्टिस उमेश त्रिवेदी ने इस याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया था। संभवत ऐसा पहली बार हुआ है जब शराब पीने से जुड़े किसी केस में एक के बाद कर तीन जजों ने आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया हो।

निचली अदालत ने भेजा जेल, हाई कोर्ट में दी चुनौती

गत 25 सितंबर को पुलिस ने गांधीनगर के एक फॉर्महाउस में छापा मारकर हुक्‍का पार्टी करते हुए विस्‍मय शाह, उसकी पत्‍नी पूजा और दोस्‍तों मीमांशा बूच, चिंतन पटेल, हर्षित मजमूदार और मंथन गंणात्रा को गिरफ्तार किया था। यहां से शराब और बीयर की बोतलें, हुक्‍का और अन्‍य सामान बरामद किए गए थे। निचली अदालत ने सभी छहों आरोपियों को जमानत देने से मना करते हुए आठ दिनों के लिए जेल भेज दिया। आरोपियों ने हाई कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। गुजरात में पूरी तरह से शराबबंदी लागू है ऐसे में विस्‍मय शाह का मामला काफी पेंचीदा हो गया है।

अब चौथे जज से लगाएंगे गुहार

विस्‍मय शाह के वकील विराट पोपट अब चौथे जज जस्टिस एसी राव के समक्ष जमानत को लेकर अपील करेंगे। उन्‍हें उम्‍मीद है कि अगर जज ने याचिका स्‍वीकार कर ली तो शुक्रवार को इस पर सुनवाई हो सकती है। विराट पोपट कहते हैं, ‘जज किसी भी याचिका पर सुनवाई करने से इन्‍कार कर सकते हैं। इसके पीछे क्‍या कारण है यह बताया उनके लिए आवश्‍यक नहीं। कोई वकील जज के इस निर्णय पर सवाल नहीं उठा सकता।’

हिट एंड रन मामले में जमानत पर चल रहा था विस्‍मय शाह

गौरतलब है कि वर्ष 2013 में विस्‍मय शाह शराब पार्टी के बाद तेज रफ्तार में बीएमडब्‍ल्‍यू कार से घर जा रहा था। नशे में धुत होकर उसने बाइक सवार दो युवकों को टक्‍कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल युवकों की मौत हो गई थी। वर्ष 2015 में विस्‍मय शाह को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई। गुजरात की कोई भी अदालत उसे जमानत देने को नहीं तैयार हुई। तब उसने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। वहां से जमानत मिलने के बाद इन दिनों वह जेल से बाहर ही चल रहा था।

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